घाटशिला (झारखंड)।
ललिता करमरकर, जो वर्तमान में 7 महीने की गर्भवती हैं, आज अपने मायके लेदा, कराडूबा (घाटशिला, झारखंड) में अकेलेपन और पीड़ा के साथ दिन काट रही हैं। पहले से तलाकशुदा ललिता को दोबारा जीवन में सहारा देने का झूठा सपना दिखाया गया—पर अब वह न सिर्फ धोखा खाई महिला हैं, बल्कि एक अनदेखे भविष्य के साथ अपने गर्भ में पल रहे मासूम की चिंता में भी डूबी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, ललिता की मुलाकात काली पूजा के दौरान मुन्ना उर्फ मुकेश नामक व्यक्ति से हुई थी, जो गया, बिहार के गुरुबा इलाके का निवासी बताया जा रहा है। मुन्ना खुद को सेना से जुड़ा व्यक्ति बताता था—36 वर्षीय इस व्यक्ति ने अपने प्रभावशाली व्यवहार, गाड़ी-घोड़े और झूठी शान-ओ-शौकत से ललिता को अपने जाल में फंसा लिया।
मुन्ना ने शादी का झांसा देकर ललिता से संबंध बनाए, जिसके बाद वह गर्भवती हो गईं। लेकिन जैसे ही फरवरी का महीना आया, मुन्ना ने नाता तोड़ लिया और गायब हो गया। उसके मोबाइल पर अब “स्विच ऑफ” का मैसेज आता है और किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि मुन्ना पहले से शादीशुदा है और उसने केवल अपनी हवस मिटाने के लिए यह साजिश रची।
अब ललिता अपने मायके मोहन करमरकर (C/O), लेदा, कराडूबा, घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड में रह रही हैं। 9608371131 पर संपर्क किया जा सकता है लेकिन सवाल यह है कि—
क्या ऐसे धोखेबाजों पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई होगी? क्या समाज इस मां और उसके अजन्मे बच्चे को अपनाने को तैयार है?
यह सिर्फ ललिता की कहानी नहीं है, बल्कि आज के समाज में हर उस महिला की सच्चाई है, जिसे प्रेम, भरोसे और वादों की आड़ में धोखा दिया जाता है। ललिता न्याय की मांग कर रही हैं। प्रशासन, पुलिस और समाज—सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में तत्परता दिखाई जाए ताकि एक और मासूम बिना पिता की पहचान के दुनिया में ना आए।